Tips To Get Pain Relief

आज की इस भाग दौड़ वाली दुनिया मे हम लोग अक्सर अपने शरीर का ध्यान नहीं देते है, कभी कभी हमारे हाथ पैरों मे इतना तेज़ pain होता हैं  जो की असहनीय  होता है , और उस समय हमारे पास हो सकता है की कोई doctor या हो सकता है कोई मेडिकल की सुबिधा  मिले या न मिले, इसके लिए आपको अपने pain को control करना जरुरी हो जाता है , दर्द कई तरह के हो सकते है, जैसे पुराना दर्द, या किसी घाव का दर्द, तेज muscle  वाला दर्द, और कही किसी अन्दरूनी चोट का दर्द होना सामान्य है , Pain अक्सर हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चूका है, लगभग 40 परसेंट लोग ऐसे है जिन्हें Pain होने की बीमारी है ,Pain एक मनुष्य को उत्तेजित करता है की वो उस स्थिति से बाहर आये जो उसको बिगाड़ रही है, ये आपके lifestyle लो प्रभाभित करता है, इससे आपके जीवन मे अशांति उत्पन्न होती है , Pain एक तरह से भाबनात्मक और sensory अनुभव है जो कि tissue के potentially और actual हानि के कारण होता है। Pain एक तरह से एक मुख्य और काफी गंभीर स्तुयति को दर्शाता है। हलाकि Pain Management के कई सारे तरीके है , और ये बहुत ही आसान और किफायती माने गए है ,हालांकि इन सभी मे कुछ न कुछ  नुस्के होते है, और हर दर्द को मैनेज करने के लिए तरह तरह के नुस्खे अपनाते  है , Pain मनुष्य को प्रेरणादेता है कि वो उस स्तिथि से उभरे ,कुछ दर्द जो होते है वो जनम से ही होते है और इनको treat करना काफी मुश्किल होता है , लेकिन हमारे कुछ Pain मैनेजमेंट Tips आपके लिए काफी benificial साबित होगी।  
Pain या तो एक ही जगह पर होता है या फिर वो वह से दूसरी तरफ भी फैलना start कर देता है। Pain हर इंसान मे अलग अलग तरह का होता है , इसलिए इसको Describe करना कठिन होता है , हर कोई Pain को अलग अलग तरह से महसूस करता है ,और इसलिए कभी कभी इसका treatment करना भी मुश्किल हो जाता है। 
Cause of Pain 
Pain के  महसूस होने कि मैकेनिज्म मे, जब nociceptor नाम कि nerve tissue के damage होने के कारण spinal chord के जरिये हमारे दिमाग को सन्देश भेजती है तब हमको Pain महसूस होता है। 
जैसे - जब आप किसिस भी गर्म सतह को छूटे है तो nerv कि reflex arc के जरिये एक सन्देश spinal chord को पहुंचता है और जिसके कारण हमारे muscles मे अचानक से सिकुड़न आ जाती है जिससे आपका हाथ अपने आप पीछे खींच लिया जाता है और आप के tissue का आगे से damage हनी से रुक जाता है। 
ये प्रक्रिया इतनी जल्दी होती है कि आपका रिफ्लेक्स का message आपके दिमाग तक पहुंच ही नहीं पाता , हलाकि ये message continue रहता है , लेकिन अगर ये दिमाग तक पहुंच जाता है  तो एक दुखद  सी sensation महसूस होती है , जिससे हमको परेशानी सी होती है और फिर उसी को हम Pain कहते है। 
दिमाग को उस sensation को स्पर्श करने कि क्षमता और nociceptor और दिमाग के स्पर्श का connection ही स्पष्ट करता है कि किस तरह का Pain एक मनुष्य महसूस कर रहा है। 
दिमाग एक तरह से उस असहनीय Pain को रोकने के लिए एक तरह का harmone छोड़ता है जिसका नाम Dopamine है जो कि कुछ हद तक उस दर्द को काबू करने मे हमारी मदद करता है। 

Types of Pain 

Pain दो प्रकार के होते है -तीब्र और पुराने 

Acute Pain -

 इस प्रकार के Pain temporary पैन होते जो कि किसी injury के कारण महसूस होता है , ये सिर्फ टेम्पोरैली थोड़े से tissues के damage होने के कारण होते है , इनको control बहुत आसानी से किया जा सकता है , सिर्फ कुछ मेडिसिन से इसमें आराम मिल जाता है एक्यूट Pain के कारण आपकी heart  beat और सांस लेने कि गति मे परिवर्तन महसूस होता है। 

Types of Acute Pain 

1.Somatic Pain - इस Pain मे आपके skin पर या आपके टिश्यू के skin के नीचे एक बहुत ही तेज दर्द महसूस होता है जो कि कभी कभी असहनीय होता है। 
2.Visayral pain  - यह दर्द आपके अंदर की glands को असर करता है और शरीर के अंदर inner cavity को असर करता है। 
3.Referred pain - एक मनुष्य जो की इस तरह के दर्द को सेह्ता है जो की उस जगह से सम्बंधित  नहीं है, बल्कि एक सन्देश देते है की शरीर मई कहि न कहि कुछ गड़बड़ जरूर है ,जैसे - heartattack आने से पहले ही आपके left हैंड मे pain होना शुरू हो जाता है। 

Chronic pain (पुराने दर्द )

इस तरह के pain acute pain काफी ज्यादा ख़राब होते है, इनमें सब से ज्यादा गंभीरता लेनी पड़ती है, क्यूंकि ये आगे जाकर एक autonomous disease को निमंत्रण देते है , और इस तरह के दर्द का अभी तक कोई इलाज भी नहीं  है , ये गठिया , या फिर रुक - रुक क्र होने वाले होते है जैसा की maigrains  की स्तिथि मे होता है ,अगर acute pain मे कुछ बृद्धि होती है तो वो एक electrical signals Central nervous system मे बनता है जिससे आपके नर्व फोब्र्स मे काफी उत्तेजना आ जाती है। 
ये इफ़ेक्ट windup effect माना गया है , जब हम windup toy को एक इलेक्ट्रिकल सिग्नल्स स तुलना करते है, तो ये माना जाता है की इंदुप तोय एक एक तीब्रता से भागता है और वो भी ज़्यादा देर के लिए। इसी तरह से chronic pain भी असर करता है। 

Describing Pain 

यह बहुत से तरीके है जहा हम सभी कुछ और Pains को describe करसकते है। 
1.Neuropathetic Pain - इस Pain मे peripheral nerve से, जोकि spinal chord से और दिमाग से जुडी है और जो की पूरी बॉडी को सन्देश पहुँचती है, अगर इसमें कोई इंजरी होती है तो उससे एक Electric Shock महसूस होता है  जिससे हमें कोमलता और सुन्नता, झुनझुनी और असहजता भी महसूस होती है। 
2.Phantom Pain -ये इस तरीके का Pain है जिसमें आपके अंग को बिच्छेदने का महसूस होता है और आपको एक बहुत ही दर्दनाक feel होता है ऐसा महसूस हनी लगता है की ये आपके लापता अंग से आ रही हो। 
3.Central Pain - इस दर्द के अक्सर रोधगलन ,फोड़े, कैंसर , अध: पतन, या फिर दिमाग और spinal chord के अंदर खून बहने के कारण है ,यह दर्द हमेशा चलता रहता है , और ये कभी हल्का तो कभी काफी गंभीर हो जाता है , लोग इस दर्द मे जलन , दुखन और दवाने का sensation महसूस करते है। 

 Pain Management 

Pain को manage करने का मतलब होता है की हम किस तरीके से उस असहनीय दर्द मे आराम महसूस कर सकते है , और अपनी lifestyle के routine को कैसे संभाल सकते है।  हम medical की इस दुनिया मे काफी साड़ी दवाओं से परिचित है , लेकिन ऐसे कुछ और भी लोग है जिन्हें उन painkillers से ६० to ७० परसेंट तक आराम मिल जाता है , लेकिन इस तरह से डेली के आधार पर पेनकिलर लेने से ये आपके heart को और kidney को असर कर सकती है ,आप के पास उस nerve की सर्जरी करवाने का भी option होता है , लेकिन कुछ दिनों के निकलने के बाद वो दर्द वापिस आ सकता है। लेकिन Pain management मे आपको उस बिशेष nerve को block कर देना होता है जहा पर आपको दर्द हो रहा , इसके लिए , डॉक्टर्स और theropist CT Scan और x ray के जरिये उस nerve को detect करते है ,इसके बाद उसका blood sample लिया जाता है , उसको procede करा जाता है , और फिर कुछ दवाइयों से जैसे की स्टेरॉयड से और किसी भी radioactive therapy के जरिये उसको block कर दिया जाता है। 

Ques1- Pain मे Pain management क्यों लाभदायक है ?
Ans - क्युकी ये आपको दवाइयों के साइड effect से बचता है , और ये आपकी kidney और heart को प्रभाभित होने मे भी काफी किफायती है , इसे किसी भी प्रकार की कोई भी complication नहीं होती, इसमें उस nerves को inject किया जाता है  झा से वो सूज रही है , और सूजन ही इस Pain का कारण होती है और उस injection के जरिये वो उस nerve को ब्लॉक कर देती है , और आपको उस से आराम महसूस होता है। 
Que2-  Pain मैनेजमेंट ज्यादा लाभदायक है या Surgery ?
Ans- Surgery और Pain मैनेजमेंट दोनों ही लाभ दायक है ,लेकिन Surgery मे complications बहुत ज्यादा होती है , और इसमें पेशेंट को रिकवर होने मे भी काफी समय लग जाता है ,और ये काफी expensive भी होता है , लेकिन Pain management मे आपको किसी भी तरह की कोई चीर-फाड़ की जरूरत नहीं होती और ये सिर्फ पांच से दस हजार के अंदर ही आपका काम हो जाता है। 
Que3-  Pain management काम कैसे करता है ?
Ans - पहले मरीज के उस जगह को या उस nerve को diagnose किया जाता है जहा उसको Pain महसूस हो रहा है , इसके लिए हम CT Scan , X - Ray machine का सहारा लेते है ,उससे हम nerve की सूजन को डिटेक्ट करते है , और फिर उस जगह जा कर उसमें दवा को इंजेक्ट कर देता  है ,जिससे वो उस patient को आराम देता है , इसमें इस्सके कोई भी side effect नई होता। 
Que4 - क्या ये कैंसर के patients के लिए भी कार्यकारी है ?
Ans - Pain management का बिकास कैंसर जैसी बिमारी से उत्पन्न हनी वाले दर्द के लिए काफी किफ़ायतीमंद मानी गयी है, इसमें जो tumor के नीचे दबी हुई nerves होती है ,उधर दवाई को इंजेक्ट किया जाता है , और उससे पेशेंट्स की जो बची हुई जिंदगी है उसको उसमें काफी फायदा करता है , इससे patient कैंसर के दर्द से मुक्त हो जाता है। 

Procedure 

EPIDURAL STEROID INJECTIONS 
- इस तरह के इंजेक्शन मे बहुत ही कम रिस्क होता है , और ये बहुत ही कम आपके body को affect करता है , ये आपको आपके chronic Pain मे मदद करता है , जैसे आपके हाथ , पैर और आपकी back मे भी फायदेमंद है ,ये एक प्रमुख treatment माना गया है Pain management मे , और भी ट्रीटमेंट है जो की  patient की condition पर आधारित है। 

KYPHOPLASTY
ये procedure vertebroplasty मे भी discuss किया जाता है ,ये अक्सर fracture के लिए और रीड की हड्डी की nerves को treat करने के लिए use होता है ,इसमें आपके जॉइंट के अंदर एक cement की तरह का मटेरियल, भरा जाता है , उस मटेरियल को भरने से पहले doctor उस के अंदर एक balloon की तरह एक device को उस जॉइंट मे फुला कर उसमें स्पेस बनता है और फिर उसमें उस material को इंजेक्ट कर देता है। 

Nerve blocks 
इसमें कई तरह के दर्द से छुटकारा मिल जाता है , ये एक बहुत ही simple procedure है जिसमें उस Nerve को block कर दिया जाता है जो की आपको affect कर रही है ,इसमें एक तरह की दवा भरके इस्को उस inflammed nerves पे inject कर दिया जाता है हालांकि ये आपको Pain से relief तो दे देता है पर पुररी तरह नहीं  देता।
 
SPINAL CHORD STIMULATOR
ये एक तरह का device होता है , जोकि आपकी spinal chord को signals  भेजता है, ये signals  chronic Pain के  message को आपके दिमाग तक पहुंचने से रोकता है , जिससे आपको झुनझुनी महसूस होती है। ये काफी असरदार और बिना किसी complications के असरदार है। 
 
Sympathetic Nervous system 
हमारी एक nerves के द्वारा नियंत्रित करती है जिसका नाम Ganglions है ,एक बड़ी गन्ग्लिओं भी होती है जो की शरीर के ऊपरी भाग को नियंत्रित करती है , और वो कहलाती है Stellate Gangelion और शरीर के नीचे के भाग को कई साड़ी gangelion Nerve नियंत्रित करती है जिससे एक sympathetic chain बनती है। 

Tips To get  Pain Relief 

1. Lavender essential oil

लैवेंडर का तेल एक प्राकृतिक दवा है जो की आपको आपके pain में आराम देगा , और इससे आपको अच्छी नींद भी आती है ,और इससे आपकी anexity भी control होती है, इस की खुशबु लेने से आपके दिमाग का Migrain का दर्द खत्म हो जाता है ,और इस्सके उपयोग हम जानवरो पर भी क्र सकते है , जैसे ये सूजन कोण कम करता है , आपके दर्द में भी आराम देता है ,हलाकि अभी FDA ने अभी तक कोई भी खास बिशेष oil का सुझाव नई दिया है , इसलिए किसी भी oil को use करने से पहले आप उससे साबधानी ले। और मई आपको इससे online परचेस करने की ही सलाह दूंगा। 

2. Rosemary essential oil

ये oil आपको आपके दर्द में, आपके हड्डी और मांसपेशियों के दर्द से आपको आराम देता है ,2. Rosemary essential आयल आपके सूजन को और आपके smooth मसल्स को भी आराम देता है, और आपकी याद करने की क्षमता को भी बढ़ता है ,२०१३ Clinical Trail ने पाया की ये तेल आपके opiod receptors से उठने वाले दिमाग के दर्द को भी कम कर देता है, ये आपको बहुत आसानी से online मिल जायेगा वो भी काफी cheap rate पर। 

 3. Cloves 

लोग पारम्परिक तोर से Eugenia caryophyllata प्लांट का उपयोग करते है जिससे आपको आपके दांत के दर्द से छुटकारा देता है ,WHo ने ये पाया है की ये एक तरह से benzocaine जेल की तरह से काम करता है , ये gel dentists द्वारा तेज चुभने वाले दर्द को treat करने के लिए उपयोग करा जाता है , जब Researchers ने clove oil को और placebo का उपयोग किया तो cloves ही सबसे ज्यादा किफायती माना गया था। ये एक तरह से आपके antioxidants की तरह काम करता है , और आपको fungles जैसी infections से भी बचता है। 

4.Capsaicin 

ये substance तीखी मिर्च में पाया जाता है , इसको लगाने से आपको एक झुनझुनी और सनसनी सा महसूस होगा ,लेकिन ये बहुत ही लाभकारी है आपके pain Relief में ,लेकिन researcher अभी तक सुनिश्चित नहीं है की ये आपकी skin की सेंस्टिविटी को nociceptor Fibres के जरिये आपके skin की senstivity को कम करता है , आपको ये ऑनलाइन बड़ी ही आसानी से मिल जाएगी। 

5.Acupuncture 

अभी हाल ही की रिपोर्ट में ये पाया गया है की acupuncture आपके pain को Relief करने में काफी असरदार है ,ये आपको आपके गले के दर्द से , पीट में नीचले दर्द से और घुटनो के दर्द में आपको आराम देता है ,और जिन लोगो को मीग्रैन की complain होती है उसमें भी काफी असर करता है हलाकि इसपर काफी research होना बाकी है ,लेकिन ये सबूत है की ये आपको काफी तरह के दर्द से आराम देता है। 


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